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Thursday, May 13, 2010

प्रेम यानी ....प्रेम....!!!!!



प्रेम यानी एक अन्जानी सी दुनिया मै एक प्यारे से साथी का साथ।
प्रेम यानी आंखो से बहते हुए आंसुओ को मुस्कान का रस्ता दिखाते हाथ।
प्रेम यानी भीड मे भी होता अकेले पन का एहसास।
प्रेम यानी मोत को भी मधुबन मे बदल देता अंदाज।
प्रेम यानी सारी दुनिया को बागी बनाने का जोश पालता एक मीठा सा आगास।
प्रेम यानी किसी के कंधो पर सर रखकर रोने का ईक अनोखा अंदाज।
प्रेम यानी किसी की गोद मे सोते हि दुनिया के सारे गम भुलाने-भुलने का एहसास।
प्रेम यानी जलते अंगारो पर बर्फ़ की तरह चलने की अभिलाषा।
प्रेम यानी बंजारो कि तरह गलियो-गलियो मे घुमते रहेने कि ईच्छा।
प्रेम यानी सब कुछ जानते हुए भी बार बार एक हि बात और एक ही आवाज सुनने कि महेच्छा।
प्रेम यानी घंटो तक एक ही नजर को देखते-ढुंढ्ते रहेने कि अभिलाषा।
प्रेम यानी किसी के दुर जाते ही दिल की धडकन रुकने का एहसास।
प्रेम यानी किसी को गले लगाने की दिल मे उठती एक अनोखी आवाज।
प्रेम यानी किसी के जाते ही मर जाने की चाहत।
प्रेम यानी अपनी हर पंसद और ना पसंद को कुर्बान कर के उसकी पसंद को अपना ना।
प्रेम यानी हर पांच मिनीट पर आते वो “कहां हो” वाले प्यारे से मेसेज।
प्रेम यानी घंटो तक बाते करना और कहना आज ठीक से बात नही हो पाई।
प्रेम यानी कुछ खट्टे मिठे झगडे,थोडा रुठ्ना मनाना और फिर गले लग जाना।
प्रेम यानी किसी की टिफीन से खाना खाने का बहाना करना,और खाते वक्त सिर्फ उसे ही निहारना।

प्रेम यानी ....प्रेम....!!!!!

प्रेम ये क्युं होता है प्रेम...?????

"दीलीपसिंह"

15 comments:

  1. वाह दिलीप क्या लिखा है| आप की कविता देख लगता है की आप ने किसी से कभी ना कभी तो दिल से बहोत प्यार किया होगा वर्ना ये शब्द ऐसे नहीं निकलते| अगर नहीं भी किया है तो बहोत खुश किस्मत होगी वो लड़की जिसे तुम प्यार करोगे| दिलीप सच मैं क्या खूब लिखते हो आज कल,मैं अपने कॉलेज के सारे बच्चो को तुम्हारा ही उदाहरन देती हूँ|सच बताना दिलीप कहाँ से लाते हो ऐसे दिल को छू जाने वाले शब्द|

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  2. sorry i dont have hindi font
    bahut sunder dilip ji kavita ko halka fulka shru kar gambhir banaya aur fir halka fulka choda

    prem mein aankhe deti hain aawazein
    bayan hota hai sab bina kuch kahe sune
    har mod pe tu hi tu
    sar jhukane mein jannat hai....manjula saxena

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  3. wah dilip bhai great word.
    you write a beautiful poem.

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  4. great poem deepu.. i just want to say aey prem no ehsaas jene thayo hoy ae j jane k aama ketlu dard samayelu hoy che..........bahu ocha loko successful thata hoy che....but great work by u.keep it up...

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  5. its wndrful.......just superb...........keep it up....god bless you n ur KAMAL NI KALAM.......BYEEEEE....KEEP POSTING UR ALL CREATIONS....

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  6. love is just blind can be happen with anyone,anywhere,anytime.....payar na janai reet payar na janai preet yah tou dil ka bahv hai jo ubhar ker aa jata hai....thats it love to be loved is the gr8 thing in this world...and to love urself is to find love in real...

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  7. saras che ek dam cool che......mast che DS you could wrote this coz u felt the feeling ane

    "प्रेम यानी किसी की टिफीन से खाना खाने का बहाना करना,और खाते वक्त सिर्फ उसे ही निहारना" aa koi experience thi lakhyu che k su?


    "प्रेम ये क्युं होता है प्रेम...?????" aa na thay to j doubt che DS!


    "प्रेम यानी घंटो तक बाते करना और कहना आज ठीक से बात नही हो पाई।" True feeling

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  8. @ पायल मेम मेरे दिल ने जो कहा, मुझे जैशा समझ में आया ,मेरे दिल को जो लगा वो ही लिख दिया है, ये मेरे मन में चल रही प्रेम की परिभाषा है| शायद मुझ जैसे और भी नौजवान मुझ से सहमत होंगे| सुक्रिया मेम|
    @ मंजुला मेम शुक्रिया मेरे शब्दों को को समझ ने के लिए|
    @ थेंकयू एकता|
    @ भारती जी प्यार का अर्थ समझाने के लिए धन्यवाद|
    @ और हाँ अंत में मिस राग यानि गार्गी जी आप का भी सुक्रिया|

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  9. wah bapu wah....have sambhdo prem vishe apda pan be shabdo.

    સવારમાં ઉઠીને આંખો ખોલતા પહેલા,
    કોઈનો ચહેરો જોવાની ઈચ્છા થાય એ પ્રેમ છે.

    આંસુ આંખમાંથી નીકળે
    એ પહેલા આંખ લૂછી ને સ્મિત કરાવે એ પ્રેમ છે.

    તમારા સપના જોવા કરતા
    તમારા સપના પુરા કરાવે એ પ્રેમ છે.

    મંદિરમાં દર્શન કરતી વખતે,
    કોઈ પાસે ઊભુ છે તેવો આભાસ થાય એ પ્રેમ છે.

    આખા દિવસનો થાક,
    જેની સાથે બેસવાની કલ્પના માત્રથી દૂર થઈ જાય એ પ્રેમ છે.

    માથું કોઈના ખોળામાં મૂકીને,
    લાગે કે મન હળવું થઈ ગયું એ પ્રેમ છે.

    જરૂરતમાં વિશ્વાસથી હાથ ફેલાવો
    અને મળી જશે એવી ખાતરી હોય તો એ પ્રેમ છે.

    લાખ પ્રયત્નો છતાં,
    જેને નફરત ના કરી શકો,ભૂલી ના શકો એ પ્રેમ છે.

    આ વાંચતી વખતે,
    જેનો ચહેરો આપની સામે તરવરે, એ તમારો પ્રેમ .....

    પ્રેમ ના આપ્યો છતા મળી જાય એ પ્રેમ છે.

    તમારા માટે જે જીવે એ પ્રાણ.
    તમારા નબળા સમય અને સુખ દુ:ખમાં સાથે રહે એ પ્રેમ છે.

    જ્યાથી તમને પાછા વધવાનુ મન થાય
    અને કોઈ આવી ને કહે પાગલ પાછળ નહિ આગળ જવાનુ અહીંથી, આ રસ્તાનો બમ્પ છે રસ્તો પુરો નથી થયો અને તમે વિશ્વાસ કરો એ તમારો પ્રેમ છે. (khulaso : aa rachna apdi nathi ane koni che te khabar nathi pan jeni pan che saras che.)

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  10. @ Devshi Thanks...! ane Manoj bhai ek mara thi pan saras kavita mane lakhi moklava badal aabhar..aam to prem vishe bahu j lakahyu che pan ahi mane j lagyau che je man ma aavyu e lakhy che...blog vanchi ne aap ni ray aapva badal aabhar...!!

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  11. very nice poem dilip.. saras combination lidha chhe.. koi heavy words vagar bahu j saras rite samjavi didhu..

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  12. मुझे गीता की याद आ गई उसमे भगवान कृष्ण के 100 के ऊपर नाम हैं ये प्रेम के इतने पर्यायवाची वहीं की प्रेरणा तो नहीं.

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  13. @हेमाली,,पढने और आपके सुन्दर शब्दों के लिए सुक्रिया | @ पश्यंती जी,, मैं इतना बड़ा ज्ञानी नहीं हूँ अभी गीता मैंने ठीक से पढ़ी नहीं है,लेकिन यहाँ मेने आज कल के नौजवान लोग प्रेम का क्या मतलब करते है या कर शकते है उसका सिर्फ एक अनुमान लगाने का प्रयास
    किया है|और मेरे दिल और मन में जो आया वो लिख दिया है, शब्द और वाक्य रचना का शायद मुझे अभी पता नहीं है| इसी लिए आप सब से राय मांगता हूँ|आपके सुन्दर शब्दों के लिए सुक्रिया|

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  14. Bahut achchha likha dilip ji

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